27.4.14

नशेमन


एहसास को आग़ाज़ तक 
ले जाऊं कैसे 
नशे में चूर हूँ 
नशेमन जाऊं कैसे 

फितरत


दौलत की दौड़ में इंतज़ार मत करना 
शौहरत की होड़ में ऐतबार मत करना 
वक़्त की याद्दाश्त भी कमाल है दोस्त 
इसकी फितरत है 'कल' को सलाम करना