22.11.13

रोज़ाना



भेजे है कोई मुझको 

अपने अशार रोज़ाना 

इज्ज़त अफज़ाई केह लो 

या किश्त-ए-दोस्ताना

20.11.13

बहाना



आस पास रहो 
कहीं दूर ना जाना 
कल क्या मंज़र हो 
किसने जाना 

हंसी ठिठोली रूठना मानना
तुम्हीं से है ये दुनिया ज़माना 

लड़कपन ख़ेल आवारा याराना
तुम्ही से है रौनक, ये आना ये जाना 

लाड दुलार घबराहट भुड़ापा
नींदों में तुमसे लिपटना, सो जाना 

ख्वाहिश दुआ खज़ाना सुहाना
तुम्हें मौसम कहूं या जीने का बहाना 

आस पास रहो
कहीं दूर ना जाना
कल क्या मंज़र हो
किसने जाना